मामलों से निपटना
सीरियस फ्रॉड ऑफिस। केस टीम का गठन करना
केस टीम का गठन कब किया जाता है?
जब कोई मामला स्वीकार कर लिया जाता है, तो इसे किसी अनेक विषयों वाले ऐसे दल में आबंटित कर दिया जाता है, जिसमें वकील, वित्तीय जांचकर्ता, पुलिस अधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य सहायक कर्मचारी होते हैं।
इस दल का नेतृत्व मामला नियंत्रक द्वारा किया जाता है जो एक अनुभवी वकील होता है और जो जांच-पड़ताल के सभी पहलुओं और किसी आगामी मुकदमे के लिए उत्तरदायी होता है।
SFO मामलों में पुलिस की भूमिका
पुलिस हमारे साथ केस टीम के अंग के रूप में काम करती है। धोखा-धड़ी एक दण्डनीय अपराध है और पुलिस के धोखा-धड़ी दस्तों के पास अपनी विशेषज्ञ विज्ञता होती है। हमारी जांच-पड़ताल में पुलिस के संलग्न होने से उनकी दक्षता के अनुभव और स्थानीय ज्ञान से हमारी कानूनी और वित्तीय जांच-पड़ताल की क्षमता को वास्तविक लाभ होते हैं।
दण्डनीय न्याय अधिनियम 1987 में SFO द्वारा पुलिस के साथ मिल कर जांच-पड़ताल करने का प्रावधान है। SFO की स्थापना या हमारे मामलों में पुलिस अधिकारियों के संलग्न होने से पुलिस की संवैधानिक स्वतंत्रता, उनकी जवाबदेही और उनके कमांड स्ट्रक्चर में कोई परिवर्तन नहीं होता।
धारा 2 के अधिकार पुलिस अधिकारियों को दण्डनीय न्याय अधिनियम 1987 के तहत धारा 2 के अधिकारों का उपयोग नहीं करना चाहिए