Friday 21 November 2008

मामलों से निपटना

मुकदमे

मुकदमों की अवधि

लड़े जाने वाले धोखा-धड़ी के मामलों में आमतौर पर अन्य दण्डनीय मामलों की तुलना में अधिक समय लगता है। ऐसा इसलिए है क्योंकिः

  • संबंधित कार्रवाइयां आमतौर पर जटिल होती हैं और ये लम्बी अवधि तक चलती हैं, जिसके लिए काफी कागज़ी कार्रवाई करनी पड़ती है;
  • आमतौर पर एक से अधिक प्रतिवादी होते हैं और इसलिए एक से अधिक बचाव के वकील भी।
  • आमतौर पर कई गवाहों (गवाहों के लिए गाइड से लिंक करें) को बुलाया जाता है, जिन्हें प्रायः विदेशों से आना पड़ता है
  • समय-सारणी किसी ऐसे उपयुक्त रूप से योग्यताप्राप्त न्यायाधीश के उपलब्ध होने पर निर्भर करती है, जिसे धोखा-धड़ी के जटिल मामलों का अनुभव हो

मुकदमों का समय निर्धारण

लार्ड चांसलर का विभागExternal site link और न्यायालय के प्रशासक धोखा-धड़ी के मुकदमों का समय निर्धारित करते हैं और अदालत के -कक्षों में उपयुक्त स्थान प्रदान करते हैं।

न्यायालय में प्रौद्योगिकी का उपयोग

हम न्यायालयों को अपने आगामी मामलों और विशेष ज़रूरतों, जैसे न्यायालय में किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता से अवगत रखते हैं। कई बार ऐसे अवसर आते हैं, जब किसी अन्य देश में मौजूद गवाह उपग्रह सम्पर्क के माध्यम से परदे पर आकर UK की किसी अदालत में गवाही देता है ।

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